एक स्कूल छात्र के रूप में मेरा एक दिन - GSSS BERLA LAXMANGARH
हर दिन एक जैसा नहीं होता, लेकिन एक स्कूल छात्र के रूप में हर दिन कुछ नया लेकर आता है – कभी हँसी, कभी तनाव, और कभी-कभी वो पल जो यादें बन जाते हैं। तो आइए, मैं आपको ले चलता हूँ अपने एक दिन की छोटी सी झलक में। 🌅 सुबह की दौड़ – नींद बनाम समय दिन की शुरुआत होती है अलार्म की घंटी से – जिसे मैं कम से कम दो बार तो स्नूज़ करता ही हूँ। जैसे-तैसे उठकर नहाता हूँ, जल्दी-जल्दी नाश्ता करता हूँ, यूनिफॉर्म पहनकर स्कूल की ओर दौड़ लगाता हूँ। अगर समय पर उठ गया तो ठीक, वरना शिक्षकों की डांट मिलती है! 📚 कक्षा की घंटी – पढ़ाई और शरारतें स्कूल पहुंचते ही पढ़ाई शुरू हो जाती है। पहला पीरियड अगर गणित या विज्ञान का हो, तो नींद और भी ज़्यादा सताती है। लेकिन दोस्तों के साथ होना चीजों को आसान बना देता है। कभी-कभी क्लास में हँसी-मजाक होता है, तो कभी अचानक टेस्ट का डर। लेकिन हर पीरियड कुछ नया सिखा जाता है – चाहे वह किताबों से हो या दोस्तों से। 🥪 ब्रेक टाइम – मस्ती टाइम लंच ब्रेक हर छात्र का सबसे पसंदीदा समय होता है – और मेरा भी! हम सब अपने-अपने टिफिन खोलते हैं, खाना शेयर करते हैं, और खूब बातें करते हैं।...