एक स्कूल छात्र के रूप में मेरा एक दिन - GSSS BERLA LAXMANGARH


हर दिन एक जैसा नहीं होता, लेकिन एक स्कूल छात्र के रूप में हर दिन कुछ नया लेकर आता है – कभी हँसी, कभी तनाव, और कभी-कभी वो पल जो यादें बन जाते हैं। तो आइए, मैं आपको ले चलता हूँ अपने एक दिन की छोटी सी झलक में।


🌅 सुबह की दौड़ – नींद बनाम समय

दिन की शुरुआत होती है अलार्म की घंटी से – जिसे मैं कम से कम दो बार तो स्नूज़ करता ही हूँ। जैसे-तैसे उठकर नहाता हूँ, जल्दी-जल्दी नाश्ता करता हूँ, यूनिफॉर्म पहनकर स्कूल की ओर दौड़ लगाता हूँ।

अगर समय पर उठ गया तो ठीक, वरना शिक्षकों की डांट मिलती है!


📚 कक्षा की घंटी – पढ़ाई और शरारतें

स्कूल पहुंचते ही पढ़ाई शुरू हो जाती है। पहला पीरियड अगर गणित या विज्ञान का हो, तो नींद और भी ज़्यादा सताती है। लेकिन दोस्तों के साथ होना चीजों को आसान बना देता है।

कभी-कभी क्लास में हँसी-मजाक होता है, तो कभी अचानक टेस्ट का डर। लेकिन हर पीरियड कुछ नया सिखा जाता है – चाहे वह किताबों से हो या दोस्तों से।


🥪 ब्रेक टाइम – मस्ती टाइम

लंच ब्रेक हर छात्र का सबसे पसंदीदा समय होता है – और मेरा भी!

हम सब अपने-अपने टिफिन खोलते हैं, खाना शेयर करते हैं, और खूब बातें करते हैं। कभी-कभी गेम खेलते हैं, तो कभी सिर्फ बैठकर हँसी-मजाक करते हैं। कुछ मिनटों की ये आज़ादी पूरे दिन की थकान को मिटा देती है।


🧠 दोपहर की क्लास – ध्यान भटकाने वाला समय

ब्रेक के बाद की क्लास सबसे कठिन लगती है। गर्मी, थकान, और नींद – सब एक साथ आती है। लेकिन अगर उस समय आर्ट, या पी.टी. की क्लास हो, तो मन खुश हो जाता है।

कभी-कभी प्रोजेक्ट वर्क या ग्रुप एक्टिविटी होती है, जिससे माहौल थोड़ा और मजेदार हो जाता है।


🚍 घर वापसी – चैन की सांस

अंतिम घंटी बजते ही मानो आत्मा को शांति मिलती है। हम बैग उठाते हैं और घर की ओर रवाना हो जाते हैं। घर पहुँचकर कुछ देर आराम, फिर कभी ट्यूशन तो कभी बस फोन और नाश्ता।

होमवर्क तो होता ही है – जो मैं अक्सर आखिरी वक्त पर करता हूँ। 😅


🌙 रात का समय – सोचने और सोने का वक्त

रात को खाना खाने के बाद थोड़ा मोबाइल चलाना, कभी किताब पढ़ना, या कभी यू-ट्यूब देखना। फिर अगली सुबह के लिए यूनिफॉर्म और बैग तैयार करना और अलार्म सेट करना – हर दिन की एक जैसी तैयारी।

नींद जल्दी आने का वादा खुद से करता हूँ… जो ज़्यादातर पूरा नहीं होता!


❤️ अंतिम सोच

स्कूल जीवन आसान नहीं होता – समय की पाबंदी, परीक्षा का दबाव, और सुबह जल्दी उठना। लेकिन दोस्ती, मस्ती और सीखने का अनुभव इसे खास बनाता है।

हर दिन एक नई कहानी लाता है और मुझे यकीन है कि एक दिन मैं इन दिनों को बहुत प्यार से याद करूँगा।

तब तक के लिए – एक और स्कूल डे, एक और नई शुरुआत!





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